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दो साल का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं। उन्होंने कहा कि इन दो वर्षों में उनकी सरकार ने चुनौतियां का डटकर मुकाबला किया और बेरोजगारों, महिलाओं और देवभूमि के हित में सख्त फैसले लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल रोकने के लिए जहां कानून बनाया, वहीं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए। इसका नतीजा यह है कि लोक सेवा आयोग में 22 वर्षों में इतनी भर्ती नहीं हुई, जितनी पिछले ढाई साल में हुई। उन्होंने मीडिया के सामने आंकड़े रखे कि लोक सेवा आयोग से 22 वर्षों में 6859 युवाओं को नौकरी मिली, जबकि ढाई वर्ष में 7600 की नियुक्तियां हुईं।
भाजपा के मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा कि हमने जनता से चुनाव में जितने भी वादे किए, उन्हें पूरा किया। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी उपस्थित थे।
चुनौतियों से पार पाया
सीएम ने कहा कि दो साल के कार्यकाल में कई चुनौतियां भी सामने आईं। जोशीमठ भू-धंसाव, सिलक्यारा टनल हादसा हुआ। इन चुनौतियों से निपटने में हमें सफलता मिली। हमने सख्त निर्णय लिए और सख्त कानून बनाए।
यूसीसी बनाया, जल्द लागू करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी कानून बनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। राष्ट्रपति से विधेयक को मंजूरी मिल गई है। कानून को लागू करने के लिए एक कमेटी बना दी है। यह कमेटी जल्द अपना काम पूरा करेगी और यूसीसी को लागू करेंगे। यूसीसी लागू होने के साथ बहुत से लोगों के संदेह भी दूर हो जाएंगे। यह कानून सभी के भले के लिए है। महिलाओं का सशक्तिकरण होगा।
नकल, धर्मांतरण और दंगई से निपटने के लिए बनाए सख्त कानून
सीएम ने कहा कि वर्षों से नकल का अपराध हो रहा था। प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं इसे हो रहे इस धोखे के खिलाफ हमारी सबसे सख्त कानून लाई। देवभूमि की अलग पहचान है। हमने धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाया। अराजक तत्वों और दंगई से निपटने के लिए दंगारोधी कानून भी बना दिया।
महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति में आगे बढ़ने की ललक है। राज्य सरकार ने उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के लिए कानून बनाया
