Warning: Attempt to read property "post_excerpt" on null in /var/www/2fe3bbb5-1499-46fa-9f61-2f617678862e/uttarvanai.com/wp-content/themes/morenews/single.php on line 53
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें अपने पोर्टल और प्लेटफॉर्म पर बॉर्नविटा समेत कई ऐसे ड्रिंक जिन्हें ‘हेल्थ ड्रिंक’ के नाम पर बेचा जाता है, उन्हें इस कैटेगरी से हटाने का निर्देश दिया है।

सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को एक बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को Bournvita समेत ड्रिंक्स और Beverages जैसे सभी पेय पदार्थ को हेल्थ ड्रिंक्स की कैटेगरी से हटाने के लिए कहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक अधिसूचना के जरिए इसकी जानकारी दी है।

बॉर्नवीटा नहीं है ‘हेल्थ ड्रिंक
हेल्थ ड्रिंक पर उद्योग मंत्रालय ने सभी ई कॉमर्स कंपनियों को एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया कि बॉर्नवीटा, दूसरे बेवरेज को हेल्थ ड्रिंक कैटिगरी में नहीं रखे। यह एडवाइजरी नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की जांच के बाद जारी की गई है। NCPCR ने जांच में पाया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स कानून के तहत हेल्थ ड्रिंक की कोई परिभाषा नहीं है।
‘हेल्थ ड्रिंक’, ‘एनर्जी ड्रिंक’ के नाम पर खुलेआम बिक्री
अप्रैल के शुरू में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार परिचालकों (FBO) को अपनी वेबसाइट पर बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों का उचित वर्गीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। FSSAI ने पाया कि ‘प्रॉपराइटरी फूड’ के तहत लाइसेंस प्राप्त खाद्य उत्पादों को डेयरी-आधारित पेय मिश्रण या अनाज-आधारित पेय मिश्रण या माल्ट-आधारित पेय मिश्रण – निकटतम श्रेणी के तहत ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ‘हेल्थ ड्रिंक’, ‘एनर्जी ड्रिंक’ आदि की श्रेणी में बेचा जा रहा है।
ये भी पढ़े:Lok Sabha Elections: सीएम योगी, प्रियंका गांधी,मायावती ने उत्तराखंड में भरी चुनावी हुंकार…
सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को दी हिदायत
रेगुलेटर ने कहा, “FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ‘हेल्थ ड्रिंक’ शब्द एफएसएस कानून 2006 या उसके तहत बनाए गए नियमों/विनियमों के तहत कहीं भी परिभाषित या मानकीकृत नहीं है। इसलिए, FSSAI ने सभी ई-कॉमर्स एफबीओ को सलाह दी है कि वे अपनी वेबसाइटों पर ऐसे पेय पदार्थों को ‘हेल्थ ड्रिंक्स/एनर्जी ड्रिंक्स’ की श्रेणी से हटाकर या डी-लिंक करके इस गलत वर्गीकरण को तुरंत सुधारें और ऐसे उत्पादों को उचित श्रेणी में रखें जैसा कि मौजूदा कानून के अंतर्गत व्यवस्था की गई है.”
Lok Sabha Elections: मंडी से चुनाव मैदान में उतरे विक्रमादित्य, एक्ट्रेस कंगना रनौत को देंगे टक्कर